:
Breaking News

Mosquito Prevention Tips: मच्छर किस गंध से दूर भागते हैं? कपूर, नीम या लेमनग्रास, जानिए कौन-सा उपाय कितना कारगर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | बरसात में मच्छरों से बचने के आसान उपाय जानिए। कौन-सी गंध मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है, कपूर कितना कारगर है और किन सावधानियों से डेंगू-मलेरिया का खतरा कम किया जा सकता है।

नई दिल्ली, 12 जुलाई।बरसात का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। इसके साथ ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोग अक्सर ऐसे घरेलू उपाय तलाशते हैं जो मच्छरों को घर से दूर रखने में मदद कर सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्राकृतिक सुगंधें मच्छरों को कम आकर्षित करती हैं, लेकिन केवल इन्हीं पर निर्भर रहने के बजाय साफ-सफाई और अन्य बचाव उपाय भी जरूरी हैं।

जानकारों के अनुसार सिट्रोनेला, लेमन यूकेलिप्टस, लेमनग्रास, नीम और लैवेंडर जैसी तेज सुगंध वाले पौधों या इनके आवश्यक तेलों का उपयोग मच्छरों की मौजूदगी कम करने में मदद कर सकता है। इन प्राकृतिक विकल्पों का प्रभाव सीमित समय तक रहता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर दोबारा इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

घरों में कपूर जलाकर मच्छर भगाने का तरीका भी लंबे समय से अपनाया जाता रहा है। कपूर की तेज गंध कुछ समय के लिए मच्छरों को दूर रखने में सहायक हो सकती है, लेकिन इसे स्थायी या पूरी तरह वैज्ञानिक समाधान नहीं माना जाता। यदि कपूर का उपयोग करें तो कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना जरूरी है ताकि धुएं से किसी प्रकार की परेशानी न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि मच्छरों से बचाव की शुरुआत घर और आसपास की साफ-सफाई से होती है। छत, गमलों, कूलर, टायर या अन्य जगहों पर पानी जमा नहीं होने देना चाहिए क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह बनता है। रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल, खिड़कियों पर जाली लगाना और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए सुरक्षित रिपेलेंट का उपयोग करना अधिक प्रभावी माना जाता है।

कई लोग नीम के तेल में नारियल का तेल मिलाकर त्वचा पर लगाते हैं। वहीं कमरे में लेमनग्रास या सिट्रोनेला ऑयल डिफ्यूजर का इस्तेमाल भी किया जाता है। हालांकि यदि किसी क्षेत्र में डेंगू या मलेरिया के मामले बढ़ रहे हों तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अधिक सुरक्षित रहता है।

मच्छरों से पूरी तरह बचाव के लिए किसी एक उपाय पर भरोसा करने के बजाय कई उपायों को एक साथ अपनाना सबसे बेहतर रणनीति मानी जाती है। नियमित सफाई, पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी, जाली और सुरक्षित रिपेलेंट का संयोजन संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।

नजरिया: बरसात में मच्छरों की समस्या को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। घरेलू उपाय सहायक हो सकते हैं, लेकिन डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार सुरक्षा उपाय अपनाना सबसे जरूरी है।

यह भी पढ़ें:

बरसात में डेंगू से कैसे करें बचाव

मलेरिया के शुरुआती लक्षण और बचाव

मानसून में घर को मच्छर मुक्त रखने के आसान तरीके

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *